वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972, संशोधन 2022 तथा इसमें CITES के प्रावधान"विषय को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का महराजगंज में आयोजन किया गया।
उक्त कार्यशाला का आयोजन वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया एवं सोहागी बरवा वन्यजीव प्रभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महराजगंज, के सचिव, माननीय श्री कमलेश्वर पांडेय, सोहागी बरवा वन्यजीव प्रभाग, महराजगंज के प्रभागीय वनाधिकारी, पुष्पकुमार के, रहे। कार्यक्रम में जिला विधिक कोष्ठ के सदस्य, लोक अदालत, अतिरिक्त डिफेंस काउंसिल , क्रिमिनल, विशेष अभियोजन अधिकारी, सशस्त्र सीमा बल के 22 वीं वाहिनी, सीमा शुल्क विभाग, राज्य पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, महराजगंज वन्यजीव प्रभाग के वन क्षेत्र अधिकारियों सहित 40 लोगों ने भाग लिया।
कार्यशाला में मार्गदर्शन वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो उत्तर, के इंस्पेक्टर देवेन्द्र सिंह राठौर ने अवैध वन्यजीव व्यापार में शामिल वन्यजीव प्रजातियों, तथा दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता लवीश शर्मा व बहराइच के अधिवक्ता सुरेश चंद यादव ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में 2022 के संशोधन तथा इसमें CITES के प्रावधानों को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महराजगंज, के सचिव, माननीय श्री कमलेश्वर पांडेय ने वन विभाग तथा वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के महाराजगंज जिले में इस प्रथम प्रयास कि सराहना करते हुए कहा कि विधिक सेवा से जुड़े हुए लोगों के लिए समय समय पर इस तरह की कार्यशालाएं लाभकारी है तथा इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट हेड अनिल कुमार ने किया तथा इसमें फील्ड ऑफिसर नवरोज मानेक शॉ, राघवेंद्र प्रताप सिंह, पावेल घोष, सुनील, रविंद्र त्रिपाठी, तथा सर्वेश ने सहयोग किया।
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