तहसीलदार ने अपने पद पावर के गुरुर में मानवता को किया शर्मशार ,बुजुर्ग महिला फरियादी का बिना फरियाद सुने ही ऑफिस से टंगवा कर निकलवा दिया बाहर

साहब कोटा के चाउर बेच
लेखपाल के पईसा देहनी..
तबो हमार कमवा नाही
भईलs...
महराजगंज। साहब मेरा मकान बनवा दीजिए, मैं अपना मकान बनाने के लिए महीनों से दौड़ रहा हूं, मेरी कोई सुनने वाला नहीं है, लेखपाल सिर्फ पैसा मांग रहा है और किराएदार मुझे मारने के लिए दौड़ रहा है, दर्द किसी हुक्मरान के कानों तक नहीं पहुंचा घंटे। वह अपने बुजुर्ग पति सुखारी और बेटे डब्लू के साथ घंटों तक तहसील की चौखट पर बैठी रोती-बिलखती रही, लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी. बाद में मीडिया कर्मियों की सूचना पर महिला को तहसीलदार के पास ले जाया गया। जहां साहब ने महिला को देखते ही नौटंकी बंद करने की सलाह दी। 
फिलहाल सूबे के योगी सरकार के इस रामराज का किस्सा कुछ ऐसा ही हैं। जहां हर दिन ऐसे ना जाने कितने फरियादी अपनी अर्जी लेकर ऐसे ही हाकिमों के दर पर पहुंच तो रहें हैं लेकिन उनकी सुनाई का भगवान ही मालिक हैं।
कहने को तो महराजगंज जनपद का निचलौल तहसील जनसुवाई में प्रदेश का अव्वल तहसील हैं, जहां जनता की सुनाई सबसे अच्छे ढंग से होती हैं। लेकिन सवाल उठता हैं कि इतनी अच्छी व्यवस्था वाली इस तहसील के मुख्य द्वार के बाहर एक बुजुर्ग गरीब दंपत्ति अपने परिजनों के साथ घण्टों सड़क पर बैठ कर अपनी वेदना अपनी पीडा बताते हुए रोते रहें और किसी से उनसे बात करने तक की जहमत नहीं उठाई।
 हद तो तब हो गयी जब रोते बिलखते महिला तहसीलदार साहब के चेंबर में पहुंची तो अपने पद के गुमान में चूर तहसीलदार साहब महिला की बात सुनने से पहले ही मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में ही बड़ी बेबाकी से बोलते हुए बुजुर्ग महिला को अपनी नौटंकी को बंद करने की नसीहत देने लगी। साहब यही नहीं रुके यह कहते हुए अपने अफसर होने का रौब गांठने लगे कि ये सब घर से यहा आते समय नहीं रोते हैं सब, अधिकारियों को देखते ही रोने की नौटंकी करने लगती हैं सब, यहीं नहीं साहब ने पहले महिला को चैंबर से बाहर करने का हुक्म भी दे दिया। फिर क्या था बहादुर होमगार्ड जवानों ने तत्काल महिला को हाथ पकड कर बाहर कर दिया।
 ये नजारा जिसने भी देखा हक्का बक्का रह गया लोगो का प्रशासन और ऐसे अधिकारी से लोगो विश्वास उठाता जा रहा है।
लेखपाल की बातों को सही बनाने में जुटे तहसीलदार साहब, 
लेखपाल के पैसा मांगने के आरोपों से पल्ला झाडते नजर आये। बता दें कि कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम सोहट निवासी चनरी देवी अपने पति सुखारी व बेटे डब्लू के साथ तहसील तीसरी बार तहसील पहुंची थी। उनका कहना था कि शासन ने उन्हें पीएम आवास दिया हैं। जिसे वो अपने पुराने खपरैल के मकान पर बनवाना चाहती हैं। लेकिन उनके पट्टीदार उन्हें रोक रहें और उनका घर नहीं बनने दे रहें हैं। इसके लिए वो और उनका परिवार महीनों से तहसील का चक्कर काट रहे हैं।

आनंद कुमार गुप्ता की रिपोर्ट महराजगंज
मो.9161511046

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