मुख्यमंत्री आवास में आपत्रो को सामिल करना सचिव साहब को पड़ गया भारी ब्लॉक छोड़ने में लग रहा मोह !
निचलौल
सरकार मुख्यमंत्री आवास योजना को गरीब विकलांग पत्रों के जीवन को सुदृण बनने के लिए ला रही है तो वही जो गांव का पहला अधिकारी व जनप्रतिनिधि सरकार को बदनाम करने में लगे रहते है जिसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिला लेकिन सरकार इससे निपटने के लिए को वंचित पात्र रह गए है उनके लिए मुख्यमंत्री आवास योजना में। सामिल करने के उद्धेश्य लाई लेकिन सचिव साहब तो समाजवादी मानसिकता और विचारधारा के है इनको तो सरकार को बदनाम करने में मजा आता है मुख्यमंत्री आवास में सचिव साहब ने अपात्रों को डील करके फिल कर दिया शिकायत के बाद बीडीओ के जांच में दोषी पाए गए और ब्लाक से हटा कर जिला संबद्ध कर दिया गया । जिसके बाद से सचिव साहब
अपना पूरा पैंतरा रोकने में जी जान लगा दिए है अब देखना है सचिव जो ब्लाक प्रमुख और विधायक और अध्यक्ष के करीबी है तो इनके आगे अधिकारी घुटना टेक देंगे ?
मिली जानकारी के अनुसार निचलौल ब्लॉक में तैनात धीरू यादव ने मुख्यमंत्री आवास में अपात्रों को शामिल किया था जिसकी जांच करने बीडीओ समा सिंह ने किया जिसमें सचिव को दोषी पाया गया जिसका रिपोर्ट अपने उच्च अधिकारियों को प्रेषित किया और तत्कालीन डीपीआरओ यावर अब्बास ने धीरू को निचलौल ब्लॉक से हटकर जिला संबद्ध कर दिया ।
जिसके बाद डीपीआरओ यावर अब्बास का भी ट्रांसफर अन्य जिले में हो गया उसके बाद से भ्रष्ट सेक्रेटरी अपना ट्रांसफर रुकवाने के लिए पूरा जोर और राजनीतिक रसूख लगा दिया है । क्योंकि ब्लाक को छोड़ने में मोह जो लग रहा है एसे भ्रष्ट सचिव जो गरीबों के हक पर ढाका डालता है उसको ट्रांसफर नहीं टर्मिनेट कर देना चाहिए क्योंकि सरकार के नीतियों को बदनाम करते है जिसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में हो सकता है ।
संवाददाता आनंद कुमार गुप्ता महराजगंज
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