मनरेगा में बड़ा घोटाला: बिना कार्य कराए मस्टरोल चला, फर्जी एमबी हुआ,भुगतान के लिए तैयार, ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त
जनपद महराजगंज के निचलौल ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत भगवानपुर में मनरेगा योजना के तहत चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। बताया जा रहा है कि भगवानपुर से निपनिया PWD रोड तक चक बंद कार्य के लिए बिना कोई वास्तविक कार्य कराए ही मस्टरोल चला दिया गया और मेजरमेंट बुक (एमबी) भी तैयार कर ली गई। मामला अब भुगतान के आखिरी चरण में पहुंच चुका है जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है
सूत्रों के अनुसार, इस कार्य के लिए कागजों पर सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गईं, जबकि धरातल पर कोई भी कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय अधिकारियों और संबंधित रोजगार सेवक सुरेन्द्र सहनी की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया है।
इस क्षेत्र पंचायत कार्य को सुरेन्द्र सहनी रोजगार सेवक निपनिया के द्वारा फर्जी तरीके से कागजों में कराया जा रहा है जिसको लेकर ग्राम सभा के समाजसेवी आनंद कुमार गुप्ता ने ऑनलाइन शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है ।
वहीं डमी ब्लॉक प्रमुख रामा शंकर गौतम से जब इस मामले बात किया तो उनको तो ब्लॉक का ब भी नहीं पता था और कॉल को काट दिया
लेकिन हमने जब इस मामले में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधी अम्बरीष यादव से जानकारी लेने की कोशिश किया तो उनका कॉल ही नहीं उठा ।
लेकिन जब हम एपीओ से जानकारी लेने की कोशिश किए तो उन्होंने भी काल नहीं उठाया
इससे पूरी तरीके से सवालिया निशान ब्लॉक पर खड़ा करता है ।
दाल में कुछ कला है या पूरी दाल काली है
इस मामले ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मनरेगा जैसी दूरगामी योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करना और आधारभूत विकास कार्यों को गति देना है, उसमें इस तरह की गड़बड़ियां गंभीर चिंता का विषय हैं।
प्रशासनिक जांच की मांग
ग्रामीणों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संबंधित दस्तावेजों, मस्टरोल और एमबी की गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। प्रशासन ने इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जांच शुरू होने की संभावना है।
मनरेगा में इस तरह के घोटालों पर रोक लगाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
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