नदी को गंदगी का नाला बना रहे जिम्मेदार, चंदन नदी पर संकट सरकार की करोड़ों की योजना पर पानी फेर रहे स्थानीय लापरवाह

महराजगंज जनपद के ठूठीबारी क्षेत्र में चंदन नदी पुल के पास शौचालय की गंदगी खुलेआम नदी में गिराई जा रही है। सरकार जहां स्वच्छ भारत मिशन और नमामि गंगे जैसी योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं स्थानीय जिम्मेदारों की लापरवाही इन प्रयासों को मुंह चिढ़ा रही है।

गंदगी से उठ रही बदबू, जीना हो गया दुश्वार

पुल के पास से गुजरने वाले राहगीरों और आसपास निवास करने वालों के लिए गंदगी और बदबू एक बड़ी समस्या बन चुकी है। लोग मजबूरन नाक दबाकर गुजरते हैं, और बच्चों व बुजुर्गों में लगातार बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी प्रशासनिक अनदेखी से आक्रोशित हैं।

संक्रामक रोगों का बढ़ता खतरा

नदी में शौचालय का गंदगी गिराने से पानी में संक्रमण फैल रहा है, जिससे डेंगू, हैजा, टाइफाइड जैसे रोगों की आशंका बढ़ रही है। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रही है।

प्रशासन मौन, जिम्मेदार बेपरवाह

स्थानीय लोगों की मौखिक शिकायतों के बावजूद स्थानीय जिम्मेदार इस ओर आंख मूंदे हुए है। न कोई जांच, न कार्रवाई – नतीजा यह है कि चंदन नदी आज गंदगी की चपेट में है।

दोषियों पर हो कार्रवाई

जनता मांग कर रही है कि दोषी जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो, नदी को प्रदूषण मुक्त किया जाए और क्षेत्रवासियों को स्वच्छ वातावरण दिया जाए। सरकार को चाहिए कि वह अपने ही अभियानों की साख बचाए और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करे

चंदन नदी में शौचालय की गंदगी का गिराया जाना न सिर्फ पर्यावरणीय अपराध है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं के प्रति उपेक्षा का घिनौना उदाहरण भी है। जब एक ओर सरकार नदियों को स्वच्छ करने के लिए भारी भरकम बजट खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर ऐसी लापरवाहियां पूरे अभियान को विफल बना रही हैं। यदि समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई और गंदगी का निस्तारण बंद नहीं हुआ, तो इसके गंभीर परिणाम पूरे क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं। यह समय है जब प्रशासन को जागकर ठोस कदम उठाना होगा, ताकि नदियां बचे, पर्यावरण बचे और आमजन का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

इस संबंध में क्या कहते हैं स्थानीय जिम्मेदार

इस सम्बन्ध में ग्राम प्रधान अजय कुमार से बात किया गया तो उन्होंने गैर जिम्मेदारों की तरह जवाब दिया की ग्राम प्रधान किसको किसको रोके । इस गैर जिम्मेदाराना जवाब से तो आप समझ ही गए होंगे की जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी कितनी ईमानदारी और अपने पदों का निर्वाह कर रहे हैं इस तरह गैर जिम्मेदार अपने साथ पूरे लोगों का जान खतरे में डालते हैं सोचिए जब ऐसे स्थानीय जिम्मेदार रहेंगे तो किस तरीके से गांव स्वच्छ होगा और क्षेत्र का और देश । 

 



आनंद कुमार गुप्ता की रिपोर्ट 

महराजगंज 




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