पंचमुखी शिव मंदिर इटहिया पुजारियों के विवाद से हो रहा बदनाम, श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस
महराजगंज जनपद के इटहिया स्थित पंचमुखी शिव मंदिर, जो श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, इन दिनों पुजारियों के आपसी विवाद के कारण बदनामी का शिकार हो रहा है। बीते दिनों हरितालिका तीज के अवसर पर भारी संख्या में महिला श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। इस दौरान चढ़ावे के बंटवारे को लेकर मंदिर परिसर ही अखाड़े में तब्दील हो गया और पुजारियों का विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। और इन दोनों पुजारी के वजह से सनातन धर्म को बदनाम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है।
मंदिर में वर्तमान समय में दो पुजारी— ध्यान गिरी (मुन्ना गिरी )और कन्हैया गिरी — पूजा-अर्चना का दावा ठोकते हैं। प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों को 15-15 दिन पूजा का समय तय किया था, लेकिन आपसी मतभेद के चलते विवाद आए दिन बढ़ते जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह विवाद तभी समाप्त होगा जब दोनों पुजारियों को हटाकर किसी एक निष्पक्ष पुजारी को नियुक्त किया जाए।
मंदिर समिति व साधु-संतों में इस प्रकरण को लेकर गहरा आक्रोश है। सूत्रों की माने तो आरोप है कि ध्यान गिरी पुजारी के पुत्र मुन्ना गिरी ने मंदिर को पार्टी का अड्डा बना लिया है और आए दिन मंदिर परिसर में जश्न मनाते हैं, जिससे मंदिर की गरिमा धूमिल हो रही है। विवाद इतना बढ़ चुका है कि यह मामला थाने और कचहरी तक पहुंच चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि आस्था से खिलवाड़ है। और तो और हो ना हो इस बार सावन के मेले में इन्हीं दोनों के लड़ाई और मतभेद की वजह से नाराज दैवीय शक्ति का दुष्परिणाम इस बार मेले में एक व्यक्ति की जान चली गई जो आज तक मेले में इस तरह का कोई घटना घटित नहीं हुआ था।
पंचमुखी शिव मंदिर जैसे पावन स्थल की प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन को हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। श्रद्धालु चाहते हैं कि नए पुजारी की नियुक्ति कर मंदिर की पवित्रता और सनातन धर्म की गरिमा को पुनः स्थापित किया जाए।
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