करंट की चपेट में पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत, बचाने गया बेटा भी लौटा लाश बनकर – मातम में डूबा सुकरहर गांव
दुखद हादसा
महराजगंज। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के ग्रामसभा सुकरहर में बुधवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। गांव निवासी श्रीकांत यादव (55) व उनका पुत्र संतोष यादव (22) की मौत बिजली के करंट की चपेट में आने से हो गई। इस घटना ने परिजनों समेत पूरे गांव को दहला दिया।
मिली जानकारी के अनुसार श्रीकांत यादव शुक्रवार की सुबह अपने घर से जाकर खेत में लगे मोटर पंप के पास दातुन कुल्ला कर रहे थे कि उसी दौरान अचानक मोटर और नल में करंट उतर आया और श्रीकांत उसकी चपेट में आ गए।
यह दृश्य देखकर उनके पुत्र संतोष यादव ने अपने पिता को बचाने के लिए दौड़े और उन्होंने करंट लगे पिता को छुड़ाने का प्रयास किया। दुर्भाग्यवश संतोष भी करंट की चपेट में आ गए
जिसके बाद पिता पुत्र को परिजनों ने निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे को देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातम पसर गया और हर किसी की आंखें नम हो गईं।
सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर से बरसात के मौसम में विद्युत सुरक्षा को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। बरसात के दिनों में अक्सर घरों और खेतों में मोटर पंपिंग सेट, तारों और खुले विद्युत उपकरणों के कारण हादसे सामने आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को बिना सुरक्षा उपकरण और सूखी लकड़ी जैसी चीज का इस्तेमाल किए बिना सीधे करंट लगे व्यक्ति को छुड़ाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे बचाने वाला भी चपेट में आ सकता है।वहीं परिजनों के दुख में गांव का हर शख्स शामिल होकर सांत्वना दे रहा है।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए असहनीय सदमा बन गया है.
संवाददाता आनंद कुमार गुप्त
महराजगंज
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