नोटिस और आदेश बेअसर: ग्रामसभा की चकनाला भूमि पर अतिक्रमण, बेदखली आदेश के बाद भी जिम्मेदार मौन, ग्रामीणों में आक्रोश ।

महराजगंज 
जनपद के निचलौल तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत शीतलापुर में ग्रामसभा की चकनाला (राजकीय भूमि) पर हुए अतिक्रमण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि शिकायत, नोटिस और स्पष्ट आदेश जारी होने के बावजूद आज तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार ग्रामसभा की आराजी संख्या 205 (चकनाला) पर निजी व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया है। इस अतिक्रमण के कारण करीब 50 एकड़ से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई बाधित हो रही है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
जनसुनवाई से तहसील तक पहुंचा मामला
पीड़ित द्वारा उत्तर प्रदेश जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर तहसील स्तर से जांच हुई। जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद तहसीलदार/उपजिलाधिकारी द्वारा नोटिस व आदेश भी जारी किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कागज़ों में कार्रवाई, ज़मीन पर सन्नाटा
दस्तावेज़ बताते हैं कि—
अतिक्रमण की पुष्टि हो चुकी है
संबंधित अधिकारियों को आदेश प्रेषित किए गए
फिर भी चकनाला से कब्जा हटाने की कार्रवाई लंबित है
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों को बचाने के लिए कार्रवाई को जानबूझकर टाला जा रहा है, जिससे सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
किसानों में बढ़ता आक्रोश
चकनाला अवरुद्ध होने से जल निकासी और सिंचाई व्यवस्था चरमरा गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पर आंदोलन को मजबूर होंगे।
प्रशासन की साख पर सवाल
यह मामला योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है। जब नोटिस और आदेश भी प्रभावहीन साबित हो जाएं, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?
अब देखने वाली बात यह होगी कि
👉 क्या प्रशासन अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि मुक्त कराएगा
👉 या फिर फाइलों में दबा यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा
जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग तेज़ हो चुकी है।

संदेह के घेरे में हल्का लेखपाल की कार्यवाही 
जब इस संबध में हमने हल्का लेखपाल विमल से जानकारी लिया तो उनका कहना है बेदखली का आदेश हुआ है उनको नोटिस भी भेज दिया गया है 
लेकिन सवालिया निशान खड़ा करता है लेखपाल पर जब नोटिस जारी दिनांक 10/12/2025 को हुआ है जिसमें 14 दिनों के अंदर अतिक्रमण को हटाना था लेकिन अभी तक हालत अतिक्रमण जस का तस है कहीं न कहीं जिम्मेदारों की रणरक्षण भी संदिग्ध है । और जिला  प्रशासन के आदेशों को खुली धज्जियां उड़ाई जा रही है।


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